खनन विभाग असरहीन।

उद्योगविहीन बिहार के अधिकांश ट्रकें बालू एवं गिट्टी लादकर चलती है।उत्तर बिहार में कहीं पहाड़ नही है।इस कारण से बिहार सरकार का सात निश्चय दूसरे राज्य (झारखंड) से आने बाली गिट्टी पर निर्भर है। दूसरे प्रदेश में गिट्टी का वाजिब दाम लेकर माईनिंग परिवहन चलान नही दिया जाता है। काफी खोजबीन करने पर बगैर माल खरीदे दूसरे लोगों से ऊंचा दाम लेकर माईनिंग परिवहन चलान मुहैया हो पाता है।इस कारण से दूसरे प्रदेश से माइनिंग चलान लेना मुश्किल काम है। बिहार के खनन अधिकारी द्वारा बगैर माइनिंग चलान के बिहार आने बाली गाड़ियों को पकड़कर भारी जुर्माना कर देते हैं।बगैर माइनिंग चलान के बिहार गिट्टी आने से बिहार सरकार के राजस्व का नुक़सान ना के बराबर होता है। दूसरे राज्यों से गिट्टी लादकर बिहार में लाने वाले वाहनों को माइनिंग परिवहन चलान लेना जरूरी है,तो इसे खत्म कर देना चाहिए या वोडर पर माइनिंग परिवहन शुल्क लेने की व्यवस्था बिहार सरकार को करनी चाहिए या लोडर पर गिट्टी लेकर प्रवेश करने पर सत्यापित कर बगैर माइनिंग परिवहन चलान के बिहार में प्रवेश करने की इजाजत दिया जाना चाहिए।
     बिहार के किसी बालू खदानों में वाहनों के निर्धारित क्षमतानुसार लोड देने की कारगर व्यवस्था नही है।अगर किसी वाहनों पर अंदाज में ज्यादा बालू लोड हो जाता है,तो उसको उतारने के बदले नजायज राशि लेकर ओभरलोड बालू को ले जाने के लिए मजबूर किया जाता है।किसी बालू खदानों में गाड़ियों के निर्धारित क्षमतानुसार लोड करने समेत बालू का मुल्य नही लिखा रहता है। इसतरह से ओभरलोड बालु खदान में दे देने से बिहार सरकार के राजस्व में हानि होती है।किसी बालू खदानों में सरकार के निर्देशानुसार सुखा  बालू लोड नहीं किया जाता है।इसकारण से बालू लोड वाहनों से  सड़कों पर पानी टपकता रहता है।
इसतरह से बालू खदानों में ओभरलोड बालू देने के लिए खनन विभाग की नाकामयाबी व उदासीनता के कारण वाहन मालिक परिवहन विभाग द्वारा परेशान हो रहे हैं
          बालू गिट्टी का जमा भंडारण एवं खरीद अवैध रूप से पूरे बिहार में हो रहा है,इस पर खनन अधिकारी कारवाई नही कर एकतरफा कार्रवाई सिर्फ गिट्टी लोडकर चलने वाले वाहनों पर करते हैं।पूरे बिहार में सड़क पुल पुलिया एवं भवन निर्माण वगैर  माइनिंग चलान का हो रहा है। सरकारी बिल पास कराते समय औपचारिक रूप से निर्माण के बाद चलान जमा करते  है।नियमतया निर्माण सामग्री (बाली गिट्टी व मिट्टी) निर्माण स्थल पर भेड्रिड चलान के ही माल गिरा या जमा किया जा सकता है।इसपर किसी जिले में खनन पदाधिकारी कारवाई  करते  हैं।
जबतक जमा भंडारण करने बाले पर कारवाई नही होगी तबतक  गाड़ी बाले को माइनिंग  चलान मुल्य नहीं मिल सकेगा।
 

टिप्पणियाँ